धनु राशि : ज्योतिष की नजर से
यह राशि चक्र की नवी राशि हे , यह राशि काल पुरुष के नितम्ब भाग को सूचक हे , यह पुरुष राशि हे. उष्ण प्रकृति , रात्रिबली ,सुनहरी वर्ण , पूर्व दिशा , अग्नि तत्त्व एवं द्विसभाव राशि हे , इसका स्वामी ग्रह गुरु , क्षत्रिय वर्ण , अग्नि तत्त्व हे ,ज्योतिष शास्त्र के विधानों के अनुसार केतु उसमे उच्च फलदायक एवं राहु नीच फलदायक होता हे , इस राशि के लिए भाग्य का स्वामी सूर्य , धन का शनि और आय लाभ का स्वामी शुक्र होता हे। Dhanu rashi
धनु राशि के जातक का कद साधारणतया लम्बा तथा शरीर सुगठित होता हे, इनका मस्तक लम्बा , नाक कुछ लम्बी ,रंग साफ़ व् गोरा ,बाल काले , भूरे , हलके भूरे ,तथा व्यक्तित्व शानदार होता हे। इस राशि वालो की आँखों में चमक साधारणतय: अधिक होती हे। ये जातक सुन्दर , स्वरुपवान होते हे ,इनके शकित , साहस ,उत्साह ,एवं आत्मविश्वास होता हे। ये संतपुरुष एवं धनवान होते हे। यह दयालु , प्रतिभावान एवं कर्तव्य निष्ठ होते हे।
धन राशि की महिलाये परिश्रमी ,मधुर व्यवहार की होती हे , ये दयालु एवं बुद्धिमान होती हे। तथा किसी विपत्ति में कम ही गबराती हे। ये धुन की पक्की एवं सवेंदनशील होती हे। इनका व्यक्तित्व आकर्षक होता हे। ये धार्मिक एवं सामाजिक कार्यो में अधिक रूचि लेती हे। ये कुछ हठी एवं जिद्दी स्वाभाव की होती हे। Dhanu rashi ke upaay
आर्थिक स्थिति और व्यवसाय :
धन राशि वाले वयक्तिओ की आर्थिक स्थिति उत्तम होती हे। ये सही तरीको से धन अर्जित करने का प्रयत्न करते हे। अधिकांश खर्च धार्मिक कार्यो एवं गृह कार्यो पर करते हे। यदि गुरु की जन्म कुंडली में स्थिति अच्छी हो तो इनको पुत्र एवं धन का सुख अवशय प्राप्त होता हे।
धन राशि के व्यक्ति अध्यापक, प्रोफ़ेसर , बैंकिंग सेवा , राजनेता ,राजदूत ,वकील , अध्यापक , पुजारी, सम्पादक ,एडिटर, ज्योतिषी, कलाकार ,समाजसेवी , कथावाचक ,हो सकते हे।
भाग्य खुलने के वर्ष :
धन राशि के वयक्तिओ का प्राय ; छोटी आयु में ही भाग्य खुल जाता हे। सौभाग्यशाली होते हुए भी ये भविष्य में चिंता में रहते हे। इनका विवाह १७ से २६ वर्ष की आयु तक होगा। दाम्प्तय सुख और परिवार सुख कम रहेगा। आयु के १८ से ३७ वर्ष तक की आयु में परिश्रम पूर्वक संतोषजनक लाभ होगा। इस काल में ख्याति ,मान , प्रतिष्ठा बढ़ेगी ,देश विदेश की यात्राएं करेंगे. जीवन में आयु के १-३-५-९-१२-१५-१६-३३-३९-४२-५०-५१-६३ अत्यंत महत्व पूर्ण वर्ष रहेंगे. Dhanu rashi ka bhagya
शुभ रत्न :
धन राशि के लिए शुभ रत्न पुखराज तथा धातु सोना हे। अतः भाग्योदय के लिए सवा चार रती पुखराज सोने की अंगूठी में दाहिने हाथ की तर्जनी अंगुली में गुरूवार प्रातः धारण करना चाहिए। Dhanu rashi ratna


0 टिप्पणियाँ