
रोगो के कुछ विशेष उपाय : ज्योतिष की नजर से
रीढ़ की हड्डी , कमर , टाँगो मे दर्द हेतु सोने का टुकड़ा धारण करे या अपने पास रखे ।
मधुमेह , मूत्र विकार , जोड़ो के दर्द के लिए पेरो के दोनों अँगूठो मे चाँदी का छल्ला धारण किया जाये या सफ़ेद रेशम के धागे दोनों अँगूठो मे सोमवार प्रात: बांध लिए जाये । ऐसा करने से तुरंत लाभ होता हे ।
यदि किसी तरह भी बीमारी न जाती हो तो मरीज के वजन के बराबर जौ दरिया मे डाले ।
यदि घर से बीमारी न जाती हो और खर्चा हो रहा हो तो परिवार के सदस्यो से कुछ अधिक संख्या मे मीठी रोटिया पका कर बाहर खाने के लिए कुत्तो को दे ।
नजर की कमजोरी विशेषकर बच्चो की नजर की कमजोरी के लिए पाँच या सात बादाम छिलके समेत और एक नारीएल सूखे दरियामे डाले। ऐसा लगातार 43 दिन करे।
भयानक त्वचा रोग के लिए 43 शुक्रवार सफ़ेद चरी एक किलो स्मशान भूमि मे डाले । दहि आदि किसी गरीब , मांगने वाले या कोढ़ी को दान करे । राशिफल टूड़े।
यदि घर से बीमारी दूर न होती हो और एक बाद दूसरा बीमार हो जाता हो तो घर के सभी सदस्य और आए अतिथियों की औसनत गिनती से कुछ अधिक मीठी रोटिया ( शक्कर डाल कर ) छोटी छोटी , तंदूर मे पका कर ( लोहा न लगे ) हर मास ( 30 दिन के अंतर पर ) अधिक से अधिक एक बार बाहर जानवरो गाय , कुता, कौवों आदि को डाले ।
यदि ऊपर दिये उपाय से कम लाभ हो तो यह उपाय करे । हलवा कदु जो खूब पक चुका हो और रंग मे पीला और अंदर से खोखला हो धर्म स्थान दे । ये केवल एक बार प्रत्येक 3 या 6 मास बाद या एक वर्ष मे एक बार रख दिया करे । ये उपाय किसी विशेष हालत या संकट मे ही करे । राशिफल 2020
अगर किसी तरह भी मरीज ठीक अथवा स्वस्थ न हो पाये तो रात्रि को उसके सिरहाने दो तांबे के पेसे रख कर प्रात: किसी भंगी को 40-43 दिन तक लगातार दे या यदि हो सके तो स्मशान अथवा कब्रस्तान मे भी जब कभी जाने का अवसर मिल्ट तो पेसा वह गिरा दिया करे इससे अत्यंत अच्छी मदद मिलेगी ।
सदैव याद रखे , लाल किताब के अनुसार खाना न्ंबर 3,9 मंदे हो तो खाना नंबर 5 अशुभ होगा परंतु यदि सूर्य घर 9 मे या चन्द्र हो तो खाना 5 शुभ होगा । खाना नंबर 10 के लिए 5,6 के ग्रह शत्रु होगे । मंदी हालत की पहचान मंदे ग्रह से संबन्धित वस्तुओ से होगी । जन्म कुंडली मे जब सूर्य या चन्द्र के साथ शुक्र या बुध या कोई पापी ग्रह बेठा हो तो जिस समय वह 1-6-7-8-10 वर्षफल मे आएगा तो तब स्वास्थय के लिए मंदा समय होगा ।
प्रेत दोष :
यदि जन्म कुंडली मे प्रेत दोष हो तो किसी तरह से प्रगति एवं विकास नहीं होता । यदि ग्रह बलवान भी हो और सुख सुविधा , स्मृद्धि प्राप्त भी हो जाये तो उसका लाभ ही नहीं होता । जीवन मे किसी न किसी विषय आदि की कमी एवं अभाव अवशय रहता हे और किसी को लेकर व्यक्ति दुखी एवं परेशान रहता हे । गृह मे शांति नहीं होती और न ही धन संपन्ती का कोई लाभ होता हे । इसका अत्यंत सरल एवं अचूक उपाय नीचे दिया गया हे ।
1 दिन के समय सायंकाल पीपल के पेड़ के निकट कुछ खाध - पदार्थ रखे । इसके उपरांत पीपल की पूजा करे और पीपल की 49 बार परिक्रमा करे । यह उपाय किया-कराया , प्रेत दोष एवं राहू केतू के दोष को भी दूर करता हे ।
ज्योतिष भविष्यवाणी , एस्ट्रोलोजी होरोस्कोप , भारतीय ज्योतिष ।
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